उस खुदा से मेरी
तुम्ही रज़ा हो , हर आरज़ू तुम हो
मेरा हर गम बस तुम्ही तक , मेरी हर ख़ुशी तुम्ही हो
मेरे साथ चलना , मेरा साथ देना , मेरी कश्ती तुम्ही हो ....
वक़्त ने छीने अपने बहुत , और कई आरमान मेरे
उन साबका लौटाया हुआ ..
सिला तुम हो , महफिल तुम्ही हो
बस मुझे ही देखो , मुझे ही सोचो , मेरा साहिल तुम्हीं हो ....
थे गम के बादल फलक पर और हवा तन्हाई सी सर्द
मिटाया जिसने ये
अंधेरा वो तुम्हीं हो , प्यार की बारिश तुम्हीं हो
खुद जलकर राह दिखाए जो , मेरा वो आफताब तुम्हीं हो .....
तुम्हीं तुम हो ...
28/03/10
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